भारत के राज्यों को मुख्य रूप से 5 भाग में वर्णित है।




भारत एक संक्षिप्त वर्णन
भारत (Bharat, अंग्रेजी में इंडिया : India) आधिकारिक नाम भारत गणराज्य (अंग्रेजी : Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित सबसे बड़ा उपमहाद्वीप हैं. पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा देश हैं. वहीँ जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा देश हैं.

भारत का भौगोलिक स्वरुप
भारतीय उपमहाद्वीप की दुनिया में 21°N से 78°E के बीच बसा हैं. भारत का धरातलीय विस्तार 08°04' उत्तरी अक्षांश से 37°06' उत्तरी अक्षांश तक और 68°07' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर तक फैला हैं. भारत की उत्तर से दक्षिण तक कुल लम्बाई 3214 कि.मी. हैं और पूर्व से पश्चिम तक कुल लम्बाई 2933 कि.मी. हैं. भारत की स्थलीय सीमाओं की लम्बाई 15200 कि.मी. हैं और समुन्द्र तटीय सीमाओं की (जलीय सीमाओं) लम्बाई 7517 कि.मी. है. भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,520 वर्ग कि.मी. (12,69,346 वर्ग मील) हैं. जिसमे से 90.40% भू-भाग (स्थलभाग) और 09.60% जलभाग हैं.

भारत की सीमायें उत्तर में महान हिमालय पर्वत से शुरू होकर दक्षिण में विशाल हिन्द महासागर तक फैली हैं. वहीँ पूर्व में अरूणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ गुजरात तक फैली हैं. भारत के सबसे उत्तरी बिंदु को इंदिरा कॉल कहा जाता हैं और सबसे दक्षिणी बिंदु को इंदिरा पॉइंट कहा जाता हैं. जो कन्याकुमारी में स्थित हैं. वहीँ पूर्वी भाग के अंतिम बिंदु को किबिथू और पश्चिमी भाग के अंतिम बिंदु को गुहर मोती कहा जाता हैं. भारत के उत्तरी अंतिम बिंदु की खोज बुल्क वर्कमैन ने 1912 में की थी. मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि जिन लोगों को लगता हैं कि इंदिरा नाम भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के नाम पर पड़ा हैं तो आप गलत सोच रहे हो. क्योंकि 1912 में ही इस पॉइंट(बिंदु) की खोज कर ली गयी थी. और इसके खोजकर्ता ने ये नाम हिन्दू धर्म की देवी लक्ष्मी के नाम इंदिरा से प्रेरित होकर रखा था. अत: इंदिरा गाँधी से इसका कोई भी सम्बन्ध नहीं हैं.

भारत का नामकरण
भारत का आधिकारिक नाम भारत गणराज्य हैं. पर हिन्दू पौराणिक कथाओं में वर्णन से पता चलता हैं कि भारत नाम एक हिन्दू सम्राट स्वयंभू मनु के वंशज महाराज ऋषभदेव के सबसे बड़े पुत्र सम्राट भरत के नाम पर पड़ा. भारत शब्द की उत्पति 'भा' और 'रत' जैसे दो शब्दों को मिलाकर हुई. जहाँ 'भा' का मतलब 'आतंरिक या विदेक-रुपी ज्ञान' से हैं और 'रत' का मतलब 'लीन' हो जाने से हैं. इस प्रकार भारत का मतलब 'विदेक-रुपी ज्ञान में लीन' हो जाने से हैं. इससे पहले भारत को 'आर्यवृत', 'जम्बूद्वीप' और 'अजनाभदेश' आदि नामों से पुकारा जाता था. बाद में जब बारहवीं सदी में अफगानी भारत आये तो उन्होंने इसे 'हिंदुस्तान' नाम से पुकारा. क्योंकि भारत के पश्चिम में सिन्धु नदी बहती थी. जिसका अरबी में अनुवाद 'हिन्द' से हुआ. इस प्रकार सिंध नदी के पार रहने वाले सभी हिन्दू ..... Read More